07/06/2023
कबूतर के सामने बिल्ली आ जाय तो कबूतर आंखें बंद कर लेता है।
इसका मतलब यह तो नहीं है कि बिल्ली भाग गई और खतरा टल गया।
देश की इकोनॉमी खतरें के निशान से नीचे गिर गई है जिसका प्रमाण यह है कि
1. योग्य नौजवानो को नोकरी नहीं दे सकने के कारण वो आपराधिक गतिविधियों में शामिल हों कर जेल पहुंच जाते हैं।
2. बुजुर्गो को इज्जत की रोटी मिले इतनी पेंशन नहीं दे सकते।
बहुत सारी विदेशी रेटिंग एजेंसीज भारत की इकोनॉमी को मजबूत बताने के भी पैसे लेती है और हमारे नेता जनता को भ्रम में रखने केलिए यह काम करते हैं।
ऐसा नहीं है कि बिल्ली ने कबुतर के पंख बांध दिय। कोई उसे उड़ानें वाला हो तो वह उड़ सकता है।
भारत की जनता इस समस्या से निजात पा सकती है। जरुरत है एक योग्य निर्देशक की।
अगर कोई सामने आये तो यहां इस देश में सम्पन्नता आ सकती है।