24/12/2024
#कुल_का_मालिक_एक
कबीर परमात्मा के प्रमाण श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में
गुरु ग्रंथ साहिव
जिंदा बाबा के रूप में कबीर परमेश्वर श्री नानक देव जी को मिले और उन्हें सच्चखंड दिखाया और अपने से परिचित करवाया और फिर उसी परमेश्वर को जब नानक जी ने काशी में धाणक जुलाहे के रूप में कार्य करते देखा, तब नानक जी ने गुरुग्रंथ साहिब के पृष्ठ 731 पर महला 1 में अंकित वाणी में कहा कि
अंधुला नीच जाति परदेशी मेरा, खिन आवै तिल जावै। ताकी संगत नानक रहंदा, किउ करि मूड़ा पावै।।