12/01/2013
सरकारी कारिंदों को अच्छी खबर, आशियाना खरीदने के लिए 30 प्रतिशत छूट
राज्य कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बनाई गई आवास नीति को शुक्रवार को मंजूरी दे दी है। इससे कर्मचारियों को ग्रुप हाउसिंग में 27 से 30 प्रतिशत कम लागत पर आवास उपलब्ध हो सकेंगे। इसके लिए कर्मचारियों को अपनी गृह निर्माण सोसायटी बनानी होगी। इसके माध्यम से वे ग्रुप हाउसिंग के लिए जमीन लेकर खुद भी आवास बना सकेंगे अथवा हाउसिंग बोर्ड या अन्य स्थानीय निकायों से भी मकान बनवा सकेंगे। स्थानीय निकाय समस्त विकास कार्य कराने के बाद कर्मचारियों की सोसायटी को भूमि आवंटित कर सकेंगे।
कैबिनेट की इस बैठक में प्रदेश की बालिका नीति और युवा नीति को भी मंजूरी दी गई।
कर्मचारी एक बार ही फ्लैट्स आवंटन कराने के लिए पात्र होंगे। आवंटित फ्लैट्स को 10 साल तक बेचा नहीं जा सकेगा। उसके पास 1 लाख आबादी वाले शहर में 150 वर्गगज से अधिक का भूखंड अथवा मकान नहीं होना चाहिए। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि आवास नीति के तहत आर्थिक दृष्टि से कमजोर आय वर्ग और अल्प आय वर्ग को आवास आवंटन में भूमि की आरक्षित दर पर 20 और 10 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी। सोसायटीज के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को फ्लैट्स आवंटन में प्राथमिकता रहेगी।
यह खास प्रावधान
कर्मचारियों को राजस्थान सोसायटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत सोसायटी का पंजीयन कराना होगा।
ग्रुप हाउसिंग के लिए आवेदन ग्रुप हाउस बिल्डिंग सोसायटी से लिए जाएंगे।
भूमि का कब्जा 25 प्रतिशत राशि जमा कराने पर सोसायटी को दिया जाएगा।
साथ ही ग्रुप हाउस निर्माण की स्वीकृति भी जारी की जाएगी। बाकी 75 प्रतिशत राशि 2 साल के अंदर 4 समान किस्तों में बिना ब्याज के जमा कराई जा सकेगी। इसके बाद 12 प्रतिशत ब्याज देय होगा।
राजस्थान आवासन मंडल के माध्यम से फ्लैट्स अथवा ग्रुप हाउस आवंटित किए जाएंगे। कर्मचारी समूह खुद निर्माण करना चाहें तो उन्हें खाली भूखंड का आवंटन किया जा सकेगा।
ग्रुप हाउसिंग के लिए परियोजना की 10 प्रतिशत राशि पंजीकरण पर देय होगी। बाकी 90 प्रतिशत राशि 7 किस्तों में 19 माह की अवधि में जमा कराई जा सकेगी।
मकान निर्माण के लिए कर्मचारियों को बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं से कुल लागत का 70 प्रतिशत तक ऋण दिलवाया जा सकेगा।
इन छूटों के कारण सस्ते मिलेंगे मकान
कर्मचारियों की सहकारी समिति अगर स्थानीय निकाय के माध्यम से ग्रुप हाउस का निर्माण कराती है तो उसे प्रशासनिक शुल्क 10 प्रतिशत, एडिशनल सीईआर 8 प्रतिशत और प्रोजेक्ट की अवधि में निर्माण लागत पर ब्याज नहीं लिया जाएगा। अल्प आय वर्ग को खुले क्षेत्र की पार्किंग राशि से भी छूट दी जाएगी। इससे 30 प्रतिशत तक कम राशि पर मकान मिल सकेंगे।
युवा नीति पर मुहर
राज्य मंत्रिमंडल ने प्रदेश की नई युवा नीति पर भी मुहर लगा दी। इसमें सभी विभागों से कहा गया है कि वे सामाजिक क्षेत्र में युवा विकास कार्यक्रमों के लिए बजट आवंटन की व्यवस्था करेंगे। इसके लिए राज्य युवा विकास निधि की स्थापना भी की जाएगी। इस नीति की 5 साल बाद समीक्षा की जाएगी।
बालिका नीति भी मंजूर : बालिका नीति को भी मंजूरी मिल गई है। इसका उद्देश्य बालिकाओं को गरिमामय जीवन व्यतीत करने के लिए भेदभाव रहित सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना है।
घटते लिंगानुपात को ठीक करने के साथ ही बालिकाओं और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।