24/03/2024
सम्वत् जलाने का उत्सव है होलिका दहन। सम्वत् जलाने का अर्थ है वर्ष का परिवर्तन। अब आगामी पन्द्रह दिनों पश्चात् नया वर्ष आने वाला है। इसीलिए पुराने वर्ष के प्राकृतिक उच्छिष्ट पदार्थों को सर्वौषधियों समेत अन्य औषधियों के साथ मिलाकर जलाया जाता है। एक दिन बाद होली बनाई जाती है, उसमें अनेक प्रकार के उबटन लगाकर शरीर का नवीनीकृत किया जाता है। यह कायाकल्प की एक प्रक्रिया है। कृत्रिम रंग हानिकारक हैं। प्राकृतिक होली जीवनदायिनी है। आईए होलिकादहन उत्सव समझकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएँ। आपको हार्दिक शुभकामनाएँ।