14/07/2024
**बोईसर, चुप् रहना अब विकल्प नहीं है**
बोईसर, जो सिर्फ एक भूमि का टुकड़ा नहीं, कई लोगो को समेटे, महत्वाकांक्षाएं लिए अनंत विचारधाराओं को साथ लेकर चलने वाला एक क्षेत्र जो अपने औद्योगिक गतिविधियों और जीवंत समुदाय के लिए भी जाना जाता है, एक मौन संकट का सामना कर रहा है, और यह मेरा एक व्यक्तिगत ऑब्जर्वेशन है ।
MIDC क्षेत्र का हिस्सा होने के बावजूद, हम प्रदूषण, खराब बुनियादी ढांचे और खतरनाक जीवन स्थितियों का सामना कर रहे हैं। हाल ही में, बोईसर MIDC में एक प्रोपेन गैस का रिसाव लगभग एक बड़ी आपदा में बदल सकता था। और यदि ऐसा सच में होता तो क्या बोईसर इससे उबर पाने के लिए काबिल था? क्या 1984 के भोपाल गैस त्रासदी हम सब भूल गए?😷
हर बार जब बिजली कटती है, इंडस्ट्रीज से अचानक ही गैस का रिसाव होता है, या खराब सड़क स्थितियों के कारण दुर्घटना होती है, यह हमारी असुरक्षा की याद दिलाती है। हमें कुछ भ्रष्ट लोग जैसे कि ओस्तवाल बिल्डर्स भी हैं जो बोईसर और पालघर क्षेत्र में घटिया इमारत सामग्रियों और झूठे वादों के साथ लोगों को लूट रहे हैं। इसके बावजूद, लोग चुप क्यों हैं? ऐसे भ्रष्ट लोग जो खोखले वादे और बिल्कुल ही निम्न स्तर के इमारत देकर आपकी जिंदगी की सारी पूंजी एक झटके में लूट रहे है। उन लोगो से सवाल करने से हम क्यों कतराते है?🙎♂️
1984 की भोपाल गैस त्रासदी अब तक की सबसे भयानक औद्योगिक आपदाओं में से एक है। इतने सारे इंडस्ट्री और केमिकल फैक्ट्री होने के वजह से बोईसर ऐसे खतरों से अछूता नहीं है। हमें एकजुट होकर अपनी आवाज उठानी होगी और सुरक्षित जीवन की मांग करनी होगी। अगर हम अभी नहीं बोले, तो हम अपनी चुप्पी में सह-अपराधी हैं। सड़क पर गिरकर एक बच्ची की दुखद मौत होती है और कुछ गिने चुने महानुभावों को छोड़कर, शायद ही कोई सामने आया, 3 दिन चर्चा हुई और आज सड़क के उस हिस्से की अस्थाई मरम्मत करके हम सब को एक लॉलीपॉप देने की एक सफल कोशिश कर दी गई है।
इंडस्ट्रीज के टैंकरों और ट्रैकों से हर हफ्ते लोग कुचले जाते है और हास्यास्पद है कि हम उफ्फ तक नहीं करते। उसी इंडस्ट्री का एक कर्मचारी जिसका पैर घुटनों से कट चुका है, आज स्टरलाइट नामक अस्पताल में अकेले लेट कर अपने भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति में है। अस्पताल में उस कर्मचारी से मिलने पर उसका एक ही सवाल था -
एक झटके में, मैं दिव्यांग हो गया, अब मेरे परिवार का क्या होगा?
कसम बजरंगबली की, इस सवाल ने बहुत आहत किया🥹
लेकिन यह बातें हम सबको परेशान क्यों नहीं करती? क्या यहां मानवीय जीवन, मेट्रोज और शहरो में रहने वाले लोगो से कम है या हम यह मान चुके है कि यही हमारी किस्मत है?
बोईसर के सभी लोगों से अपील है कि अब एकजुट होकर बेहतर बुनियादी ढांचे, सख्त प्रदूषण नियंत्रण और सुरक्षित जीवन स्थितियों की मांग करें। हमारी चिंताओं को सुना जाए और हमारी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। मिलकर, हम बोईसर को एक सुरक्षित, बेहतर जगह बना सकते हैं। हमारी आपकी चुप्पी अब विकल्प नहीं है।