16/02/2018
Smart City Palwal after KMP & GMP must share
दस साल बाद पलवल होगा NCR का सर्वाधिक विकसित और खूबसूरत शहर......
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आज माननीय मुख्य सचिव महोदय की अध्यक्षता में NCRPB की High Level Committee की मीटिंग हुई तो "पलवल" के बारे में तसल्ली से सोचने समझने का अवसर मिला।
यों तो NCR का फैलाव हरियाणा के 14 जिलों सहित उत्तरप्रदेश व राजस्थान के अनेक शहरों तक है परन्तु अभी तक इसका सारा फायदा गुड़गांव, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा जैसे शहरों को ही मिल पाया है। लेकिन अब यह तय है कि दस साल बाद पलवल इन सबको पीछे छोड़ देगा । विकास में भी और खूबसूरती में भी पलवल सबसे आगे होगा।
निम्नलिखित उदाहरणों या परिस्थितियों से इस बात को स्पष्ट करने का प्रयास करता हूँ :
1. जमीन की उपलब्धता : दिल्ली में या गुड़गांव में सोहना तक और फरीदाबाद में बल्लभगढ़ तक जमीन बची ही नहीं है। नोएडा व गाजियाबाद साइड में भी जमीन का पूर्णतया अभाव है। धारूहेडा, मानेसर और भिवाडी भी पूरी तरह पैक हो चुके है। पलवल में अभी भी प्रचुर मात्रा में खाली मैदान पड़ा है और जमीन के रेट भी नियंत्रित है। यह एक बड़ा आकर्षण है तथापि जमीन ही एकमात्र कारण नहीं है क्योंकि पड़ौस में दूसरा जिला भी है जहाँ बहुतायत मात्रा में खाली मैदान पड़ा है और जमीन के रेट भी नियंत्रित है।
2. पानी : यमुना नदी जिले से होकर निकलती है जिससे मीठे पानी की प्रचुर उपलब्धता है और भूमिगत जल उत्तम क्वालिटी का और प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। पानी की उपलब्धता भविष्य की दृष्टि से अत्यंत ही महत्वपूर्ण है । गुड़गांव में पानी का भारी अभाव है और पीने तक को पानी मुश्किल से मिलता है । अनेक स्टडीज़ में पानी की कमी के कारण गुड़गांव को "मरता हुआ शहर" बताया गया है और 20-25 साल बाद गुड़गांव में सचमुच कोई आकर्षण नहीं बचेगा। सोहना से अलवर रोड़ पर भी पानी का जबरदस्त अभाव है और भूमिगत जल अत्यंत कड़वा है जिससे मेवात में छोटे मोटे स्कूल, कालेज या हास्पीटल चलाने में भी काफी दिक्कत होती है । किसी बड़े प्रोजेक्ट को मेवात में लगाने के लिए कोई उद्यमी इसीलिए तैयार नहीं होता क्योंकि जमीन के अंदर पानी ही नहीं है । पलवल में यह दिक्कत है ही नहीं ।
3. KMP & KGP : यह बहुत बड़ा प्लस पोइन्ट है पलवल के विकास में । KMP यानि कुण्डली-मानेसर-पलवल और KGP यानि कुण्डली-गाजियाबाद-पलवल जैसे दो सुपर एक्सप्रेस वे पलवल से शुरू होते है और 60 km परिधि में दिल्ली की परिक्रमा करते हुए पलवल में ही समाप्त होते है। छः लेन के इस सुपर एक्सप्रेस वे से पलवल निश्चित ही सबसे आगे होगा।
4. NH-2 or 19 : दिल्ली से आगरा होते हुए सम्पूर्ण पश्चिमी और दक्षिणी भारत इस NH से जुड़ रहा है। इस पर भी छः लेन का कार्य जल्दी ही पूरा होने वाला है। जहाँ भी कोई शहर या बस्ती बीच में आ रही है वहीं सड़क हवा में उठा दी गई है । यह NH भी सुपर एक्सप्रेस वे की तर्ज पर विकसित हो रहा है और इसका भी सर्वाधिक फायदा पलवल को ही होगा।
5. रेल सम्पर्क : सम्पूर्ण भारतवर्ष रेलमार्ग द्वारा पलवल से जुड़ा है और समस्त सुपर फास्ट गाड़ियां पलवल से गुजरती है। जल्दी ही अधिकतर गाडिय़ों का टर्मिनल भी पलवल ही बनेगा क्योंकि दिल्ली स्टेशनों पर जगह ही नहीं बची है ।
6. DFC यानि डेडिकेटेड फ्रेट काॅरिडोर : मुंबई और काण्डला को विशेष मालवाहक रेलमार्ग से जोड़ने की परियोजना भी पलवल से शुरू होती है। इसका काम भी 90% पूरा हो चुका है। तीव्र विकास में यह सर्वाधिक महत्वपूर्ण है ।
7. जेवर इन्टरनेशनल एयरपोर्ट : गुड़गांव के विकास में दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्णायक योगदान है। इसी तरह जेवर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का सर्वाधिक फायदा पलवल को ही होगा। इस हवाईअड्डे के मद्देनजर अभी से ही तमाम बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने पलवल में जमीन तलाशना शुरू कर दिया है ।
8. Metro सुविधा: पलवल के दरवाजे तक यानि फरीदाबाद-बल्लभगढ तक Metro आ ही चुकी है और NCRPB की योजनानुसार अगले दस साल में पलवल भी Metro से अवश्य ही जुड़ जाएगा।
9. ISBT यानि अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल : ISBT सराय काले खां और ISBT कश्मीरी गेट पर अब ना तो जगह है और ना सुविधाजनक आवागमन । इसलिए राजस्थान, U.P. और M.P. से दिल्ली आने वाली बसों का ISBT टर्मिनल भी पलवल में बनने जा रहा है जिससे दिल्ली की भीड़भाड़ तो कम होगी ही और पलवल को महत्वपूर्ण शहर का दर्जा हासिल होगा।
10. पर्यटन का स्वर्णिम त्रिभुज: Delhi-Agra-Jaipur-Delhi को Tourism का Golden Triangle माना जाता है और पलवल इसमें महत्वपूर्ण पड़ाव है । सम्पूर्ण पलवल ही ब्रज और ब्रजवासियों की संस्कृति में रचा-बसा है और मथुरा-वृन्दावन, बरसाना-गोबर्धन, कोसी-कामां के समस्त तीर्थ स्थल पलवल से महज एक घंटे की दूरी पर है और ब्रज चौरासी कोसी परिक्रमा भी पलवल से होकर ही गुजरती है। आगरा का ताजमहल और भरतपुर-डीग के किले एवं घना पक्षी अभ्यारण्य भी यहां से महज डेढ़ घंटे की दूरी पर है। दिल्ली तो है ही पर्यटन स्थल और यह पलवल से महज एकघंटे की दूरी पर है।
11. कानून-व्यवस्था की स्थिति : पलवल के लोग स्वभाव से ही शांति प्रिय है और ईश्वर की कृपा से सुखी व सम्पन्न भी है। पलवल में ना कभी दंगे फसाद हुए और ना ही धरना-प्रदर्शन यहां की संस्कृति है। दान-पुण्य और सहयोग की समृद्ध परम्परा पलवल में काफी आगे बढ़ चुकी है।
12. शिक्षा व स्वास्थ्य की सुविधा : पलवल में उत्तम क्वालिटी की स्कूली शिक्षा के काफी विद्यालय हैं जहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध है। उच्च शिक्षा के भी बेहतर संस्थान है और निजी क्षेत्र में तो विश्वविद्यालय भी पलवल में चल रहे है। भविष्य की दृष्टि से अत्यंत ही महत्वपूर्ण "हरियाणा कौशल विकास विश्वविद्यालय" का निर्माण भी हरियाणा सरकार ने शुरु कर दिया है और फिलहाल कक्षाएं भी लग रही है। केवल ढांचागत निर्माण कार्य के लिए ही 900 करोड़ (Nine Hundred Crore) की भारी-भरकम राशि मंजूर होना इस विश्वविद्यालय के महत्व को रेखांकित करती है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी स्थिति ठीक-ठाक है तथापि सुधार की गुंजाइश बनी हुई है ।
13. युवा पीढ़ी : किसी भी शहर या गांव के विकास में वहां के युवाओं की मानसिकता का निर्णायक योगदान होता है और मैं अपने 6 माह के कार्यकाल में पलवल की युवा शक्ति से काफी प्रभावित हुआ। यहां के युवा पढ़ाई और कैरियर को लेकर काफी गंभीर है और बेमतलब की बातों से कोसों दूर है। यहाँ के पत्रकार एवं समाजसेवी भी हो-हुल्लड़ मचाने के बजाय जमीनी धरातल पर ठोस काम कर रहे है, जिसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं । मेवात के विपरीत पलवल के युवा फेसबुक और व्हाइटसप की महामारी से अभी बचे हुए है या ऊब गए है। यद्यपि फेसबुक पर सभी उपलब्ध होंगे परन्तु काफी कंट्रोल के साथ है। या फिर हो सकता है मेरा यह आंकलन गलत हो परन्तु मैं फेसबुक और व्हाइटसप को काफी गंभीर बीमारी मानता हूँ और दिन में महज एक बार सायंकाल ही इनको ओपन करता हूँ । खैर, इतना तो तय है कि पलवल के युवा कम से कम मुझ से तो ज्यादा ही समझदार हैं । उनको मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं और अनन्त आशीष .....
14. सरकार का फोकस : यों हरियाणा सरकार का फोकस सम्पूर्ण हरियाणा के समान और सतत विकास पर है परन्तु पलवल की भौगोलिक स्थिति अब ऐसी बन पड़ी है कि इसको नजरअंदाज करना अब सम्भव नहीं । दरअसल पलवल में स्थित DFC, KMP, KGP और NH जैसे प्रोजेक्ट राज्य नहीं बल्कि राष्ट्रीय हितों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है और इनकी निगरानी सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय, केबिनेट सचिवालय और सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जा रही है । कौशल विकास विश्वविद्यालय की आधारशिला स्वयं माननीय प्रधानमंत्री महोदय जी मार्च में रखने आ रहे हैं क्योंकि यह विश्वविद्यालय न केवल हरियाणा बल्कि सम्पूर्ण भारतवर्ष का एकमात्र विश्वविद्यालय होगा जहाँ फ़ालतू की डिग्री या डिप्लोमा के बजाय वास्तविक कौशल की शिक्षा दी जाएगी।
कहने का तात्पर्य यह कि पलवल पर हरियाणा सरकार और भारत सरकार पूरा फोकस कर रही है और यही उचित भी है।
कुल मिलाकर मैं पलवल के विकास को लेकर बहुत ही आशावादी दृष्टिकोण से लबरेज़ हूँ। मेरा तो खैर यहां से कभी-भी ट्रांसफर हो सकता है परन्तु अगर मुझे कभी अवसर मिला और सामर्थ्य के अनुसार खरीद पाया तो पलवल में ही मकान बनाकर रहूँगा । मुझे भविष्य के लिए पलवल से बेहतर कोई स्थान नहीं लगता।
जय हिन्द ...!
जय भारत ....
Source:The real world,palwalproperty