Buddha Urban Developers Pvt. Ltd.

Buddha Urban Developers Pvt. Ltd. Building Homes is a Social Responsibility. We at Buddha Urban Group shoulder this Responsibility with Care for Your Dreams & Focus on your Budget. Ltd.

Building homes is a social responsibility. We at Buddha Urban Developers Pvt. shoulder this responsibility with care for your dreams and focus on your budget. We specialize in building high rises, bungalows and residential townships with green living technology. Quality is the foundation and technology is the roof of Buddha Urban Developers. We believe that every brick contributes to the making of

dream homes. Meticulous planning, careful detailing, high-end technology, foolproof construction and urban finishing are the mainstay of our promise to deliver what you can feel proud of. Be it a multi-story building or a single-floor villa or a residential complex, we give ample attention to the dynamics and aesthetics of construction from planning to delivery. We take more pleasure in discovering the new horizon with green space for comfortable living than in dominating the skyline with high rises. Buddha Urban Developers makes you own a property with pride. We continue to discover the new horizon and grow with your consistent trust in our building capabilities. Our philosophy and principles are as strong as our construction.
/- Gaurav Singh

16/10/2022
13/10/2022

12/10/2022

जब भी कोई आम इंसान अपना घर बनवाता है ऐसे वक्त में बहुत ज्यादा संभावना होते हैं कि वह घर बनाते समय कुछ गलतियां करेगा। इसका कारण यह हो जाता है की घर तो हम बार-बार नहीं बनवाते और जो गलतियां होती है वह ऐसी होती है कि जिनके बारे में हमें पहलेसे पता नहीं होता। लेकिन आज के लेख में हम जिन चीजों के बारे में चर्चा करेंगे ,अगर यह गलतियां आप नहीं करेंगे तो भविष्य में होने वाली गलतियों का खामियाजा आपको भुगतना नहीं पड़ेगा।

और तो और इससे आपके पैसे भी बज जाएंगे। तो इसीलिए इस लेख को पूरा जरूर पढ़ना। यहां पर जो भी पॉइंट्स मैं बताऊंगा वह बहुत बेसिक और बहुत महत्वपूर्ण पॉइंट्स है। जो कि आगे चलकर बहुत काम आएंगे।

तो आते हैं हम हमारे महत्वपूर्ण पॉइंट्स के ओर….
1 ) Floor Height (तल की ऊँचाई)
अब यह जो पहला पॉइंट है दोस्तों उसमें एक चीज आपको समझना बहुत जरूरी है। लोगों को क्या चाहिए उनके हॉल की हाइट बहुत ज्यादा चाहिए। अब आप स्लैप की हाइट ऊची लेते हैं ,10 फीट लेते हैं ,11 फीट लेते हैं, 12 फीट लेते हैं उसमें कोई प्रॉब्लम नहीं है। पर कुछ लोग क्या करते हैं हाइट बढ़ाने के लिए जो flooring level होती है यानी कि फर्श की लेवल जो होती है वह बाकी रूम से थोड़ी नीचे लेते हैं। यह नीचे लेने के वजह से प्रॉब्लम हो जाता है दोस्तों। जैसे कि आप अगली वीडियो में देख रहे हो। जब आप पोर्च से एंट्री करते हो तो ऐसे वक्त में एक स्टेप आपको नीचे जाना पड़ता है। या फिर आप किचन से हॉल की तरफ आते हो तो भी आपको एक स्टेप नीचे को जाना पड़ता है। अब यह चीज जो लोग घर में रहते हैं उनको जरूर ध्यान में रहती है। लेकिन अगर आपके यहां कोई मेहमान आते हैं तो उनको यह चीज समझ में नहीं आती। और ऐसे वक्त में वह लोग ऐसा मान के चलते ही की सभी फ्लोर की लेवल एक ही है। अचानक से एक स्टेप नीचे आने की वजह से वहां पर उनके गिरने के चांसेस बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं। तो इस वजह से खास करके दोस्तों अगर आप फ्लोरिंग लेवल एक समान रखेंगे तो इससे आपका जरूर फायदा होगा। जिन लोगों ने भी घर के हॉल को ड्राप दिया है उन लोगों से एक बार पूछ लीजिए की इसका उन्हें कितना फायदा हुआ है या नुकसान हुआ है। फ्लोर को ड्राप देने के अलावा दोस्तों अगर आप स्लैप की हाइट ऊची रखेंगे, आपका मुख्य उद्देश्य क्या होता है की हॉल की हाइट ऊची चाहिए। इसके लिए आप जो स्लैप की हाइट है उसे थोड़ा ऊंचा रख सकते हैं। फ्लोर की हाइट अगर आप जितना नीचे लेंगे तो उतनी ज्यादा आपको दिक्कत होगी। तो यह था दोस्तों पॉइंट नंबर वन।

2 ) Stair Riser ( सीढ़ी राइजर )
अब स्टेयर राइजर जो होता है जीने का जो टप्पा होता है जिसे हम राइजर कहते हैं दोस्तों। इसकी हाइट जगह कम होने से बढ़ा देते हैं। यानी कि 7 इंच से ज्यादा इसकी हाइट दी जाती है। इस हाइट को आपको 7 इंच से ज्यादा नहीं लेना है। क्योंकि अगर आप 7 इंच से ज्यादा लेते हैं तो ऐसे वक्त में जो जीना होता है आपका उसको चढ़ने में और उतरने में बहुत दिक्कत होती है। जितना आपको मुमकिन हो दोस्तों अगर आप राइजर की हाइट 5 या 6 इंच तक रखते हैं ,तो ऐसे वक्त में वह जीना आपके लिए बहुत कंफर्टेबल होता है। तो इस चीज को भी आपको ध्यान में रखना है। जितना आप राइजर की हाइट बढ़ाते जाएंगे उतना वह चढ़ने के लिए मुश्किल होगा।

3 ) अगला पॉइंट यह आ जाता है दोस्तों जोकि बहुत जरूरी है। जब भी हम घर बनवाते हैं, कुछ जगह पर क्या करते हैं जो पोर्च का स्लैप होता है वह थोड़ा नीचे लेते हैं। एलिवेशन के लिए यह चीज अच्छी दिखती है और इसमें कोई बुरी बात नहीं है। लेकिन कुछ होशियार लोग क्या करते हैं हर एक रूम का जो स्लैप होता है वह कम ज्यादा करते हैं। यानी कि पोर्च का हाइट थोड़ा कम रखेंगे, हॉल का थोड़ा ज्यादा रखेंगे या फिर बेडरूम का थोड़ा नीचे रखेंगे। नीचे से तो यह चीज अच्छी दिखेंगी पर आप जब ऊपर के मंजिल पर जाएंगे और वही स्लैप आपका फ्लोर बन जाएगा। तो ऐसे वक्त में उस फ्लोर पर चलने में आपको कितनी दिक्कत होगी यह आप सोच सकते हो। क्योंकि हर एक रूम में अलग अलग तरह का ड्राप होता है। तो यह चीज बिल्कुल भी प्रैक्टिकल नहीं होती।
अगला यहां पर कुछ लोग क्या करते हैं स्लोपिंग स्लैप बनवाते हैं। जैसे कि आप एलिवेशन में देख रहे हो, कुछ इस तरह के स्लैप बनवाते हैं। इस तरह के स्लैप आप तभी बनाइए अगर आपको ऊपर का फ्लोर बिल्कुल भी बनाना नहीं है। ऐसी परिस्थिति में आप स्लोपिंग स्लैप बनवा सकते हो। और आप अगर ऊपर की मंजिल बनवाना चाहते हो तो ऐसे वक्त में आप स्लोपिंग स्लैप की तरफ बिल्कुल भी ना जाइए।

4 ) कंस्ट्रक्शन एरिया (Construction Area)
अब यह जो पॉइंट मैं आपको बता रहा हूं यह बहुत ही जरूरी पॉइंट है। बहुत से लोग इस चीज को अनदेखा कर देते हैं। अब मान के चलेंगे हमारा प्लॉट 40×30 का है, तो हम क्या करेंगे कंस्ट्रक्शन करते समय 40×30 का ही बिल्डिंग बनाएंगे। हम साइड में कोई भी मार्जिन नहीं छोड़ते। यह मार्जिन ना छोड़ने का सबसे बड़ा हानि यह हो जाता है की एक तो आपके पास वाले या पीछे वाले या साइड वाले जो है उन्होंने भी अगर जगह नहीं छोड़ी ऐसे वक्त में आपकी जो दीवारे होती है वह एकदम आपके घर को चिपक के आ जाती है। ऐसे वक्त में आपको लाइट का और वेंटीलेशन का दोनों का बहुत ज्यादा प्रॉब्लम हो जाता है।

आप यह चीज सोच सकते हो दोस्तों अगर आप किसी घर में रहते हैं, प्राकृतिक वेंटीलेशन नहीं है और नैचुरल लाइट नहीं है तो ऐसा घर आपको कैसा लगेगा? इसके बजाएं आप क्या कर सकते हो साइड में 1.5 या 2 फिट का मार्जिन अगर आप छोड़ते हो तो ऐसे वक्त में आपका लाइट का प्रॉब्लम भी सॉल्व हो जाएगा और वेंटिलेशन का भी प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगा। और तो और जो आपके ड्रेनेज लाइन होंगे उसका आउटलेट भी आपको बाहर निकालने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। अगर आप क्लीयरेंस छोड़ते हैं तो सामने वाला भी क्लीयरेंस छोड़ देगा। इसकी वजह से दोनों साइड से अच्छा खासा वेंटिलेशन आ जाता है। आप जितना पॉसिबल हो सके सभी साइड से मार्जिन छोड़ेंगे तो वह आपके लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा रहेगा। और यहां पर अगर आपको यह लगता है की आप की जगह जो है वह वेस्ट हो जाएगी तो ऐसे वक्त में आप उपरी मंजिल बना सकते हो। और वहां पर एकाद रूम बढ़ा सकते हो जिसका आप इस्तेमाल करेंगे। लेकिन ऐसा अगर आप करते हो तो दो या तीन फायदे आपके जरूर हो जाएंगे। और कुछ जगह पर लोग क्या करते हैं कॉमन दीवारें बना लेते हैं और उसके ऊपर घर बना लेते हैं। तो यह एक अलग ही पॉइंट है इसके बारे में हम कब और वक्त चर्चा करेंगे।
5 ) प्लिंथ लेवल (Low Plinth Level)
लगभग आपकी घर की जो न्यू होती है उसे हम प्लिंथ लेवल कहते हैं। यानी कि पीसीसी के बाद में आपकी जो लेवल आती है घर की उसे हम प्लिंथ लेवल कहते हैं। यह जो हाइट है वह आपको रोड लेवल से कम से कम 3 फीट तक रखनी है और ओ घर का नक्शा बनवाते समय ही ध्यान में लेना चाहिए। कुछ लोग क्या करते हैं पैसे बचाने के चक्कर में इस हाइट को 1.5 से 2 फीट में रख देते हैं। बाद में रोड की लेवल धीरे धीरे बढ़ जाती है और कुछ समय ऐसा हो जाता है की आपकी प्लिंथ की लेवल नीचे चली जाती है और रोड की लेवल ऊपर आती है। ऐसी सिचुएशन में होता यह है कि आसपास का और सड़क का पानी जो है वह घर के अंदर घुसने के बहुत ज्यादा चांसेस है। और दोस्तों याद रखियेगा अगर आपको प्लिंथ की फाइट बढ़ानी है तो यह बहुत ही दिक्कत भरा काम हो सकता है। जैसा कि आपने वीडियो में भी देखा होगा। वह लोग जैक लगाकर बिल्डिंग को लिफ्ट करते हैं। इसीलिए शुरुआत में ही अगर आपने प्लिंथ की हाइट अच्छी खासी रख ली है रोड लेवल से तो यह आपके लिए फायदेमंद सौदा साबित हो सकता है।

6 ) पीसीसी एंड कॉलम (PCC And Column)
अब यह मुसीबत किस जगह पर होता है जहां पर लोग पहले दीवारें बनाते हैं और बाद में कॉलम बनाते हैं। ऐसे वक्त क्या होता है की आप पीसीसी करते हैं तो ऐसे वक्त में कॉलम का एरिया जो है वह खुला छूट जाता है। वहां पर लोग क्या करते हैं पीसीसी का ही मटेरियल कॉलम में डलवा देते हैं। पीसीसी जनरल M10 कंक्रीट से की जाती है और कॉलम का जो कंक्रीट होता है वह M20 से लेकर M25 तक लिया जाता है। पीसीसी का जो कंक्रीट होता है उसकी स्ट्रैंथ कॉलम के कंक्रीट इतनी नहीं होती है। और उसे आप अगर कॉलम के अंदर मिक्स कर देंगे तो यह गलत बात हो जाती है। तो यहां पर आप क्या कर सकते हो, एक तो कॉलम की जगह खुली छोड़ दो| या तो फिर क्या कीजिए नीचे से जो कॉलम कास्ट कर रहे हो उससे थोड़े ऊपर की तरफ कास्ट कीजिए जिससे पीसीसी का जो मटेरियल है वह कॉलम के अंदर मिक्स नहीं होगा। तो यह एक इंपॉर्टेंट पॉइंट है। बहुत से लोग इस चीज की ओर ध्यान नहीं देते। वह सिर्फ इसी तरफ ध्यान देते हैं की कॉलम पहले बनाएं या दीवार।

चलो दोस्तों अब हम अगले पॉइंट की ओर बढ़ेंगे जो कि है हमारा...

7 ) नो वॉटर प्रुफिंग (No Water Proofing)
दोस्तों जब हम स्लैप डलवा लेते हैं ऐसे वक्त में उसके ऊपर जब हम पानी स्टोर कर लेते हैं जिसे हम पॉन्डिंग क्यूरिंग मेथड कहते हैं। ऐसी सिचुएशन में हमें पता लगता है की आपके घर के नीचे कोई भी पानी टपक नहीं रहा। जब आप पॉन्डिंग करते हैं तब आपको पता चलता है की आपका स्लैप में बिल्कुल भी लीकेज नहीं है और अच्छा खासा क्यूरिंग भी हो जाता है। पर यह चीज बहुत लोग गलत ले लेते हैं। वह कहते हैं कि हमारे स्लैप में कुछ भी लीकेज नहीं है और कोई जरूरत नहीं है हमें वॉटर प्रूफिंग करने की। और वह लोग क्या करते हैं वॉटर प्रूफिंग की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते। लेकिन यहां पर गलती यह हो जाती है कि स्लैप जो कभी-कभी तुरंत लीकेज नहीं होता। कभी-कभी वह 5 या 6 साल बाद लीकेज हो जाता है। पर जो लीकेज की समस्या है वह बहुत पहलेसे ही शुरू हो जाती है। ऐसे वक्त में आपका स्लैप जो है वह बुरी तरह से डैमेज हो जाता है। आपका स्टील जो है वह कोरोजन पकड़ने लगता है। तो इसके लिए आपको क्या करना है अगर आपके यहां लीकेज भी नहीं है फिर भी आपको स्लैप को वॉटर प्रूफिंग करवा लेना है।

इसके 2 फायदे हैं दोस्तों एक तो यह आपके स्लैप की लाइफ बढ़ाएगा और तो और यह आपके स्लैप की कड़ी धूप से भी रक्षा करेगा। और थोड़े से प्रमाण में यह वॉटर प्रूफिंग घर का तापमान भी कम करने में मदद करता है। और बाद में जब आप वॉटर प्रूफिंग करते हैं दोस्तों मतलब 10 या 12 साल बाद तब तक बहुत ज्यादा डैमेज हो जाता है। जितना पहले से ही आप इन चीजों को प्रिपेयर करके रखेंगे तो इससे आपका डेफिनेटली फायदा होगा। तो इस चीज को जरूर ध्यान में रखिएगा। घर के वॉटर प्रूफिंग के बारे में कभी भी समझौता ना करिएगा। हां अगर आप एक-दो साल बाद दूसरी मंजिल बनवाना चाहते हो तो ऐसे वक्त में आपको वॉटर प्रूफिंग की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर उससे ज्यादा देरी आपको लगने वाली है तो ऐसे वक्त में आप वॉटर प्रूफिंग जरूर करवाइए।

8 ) प्लंबिंग लाइन (Plumbing Line)
यह प्रॉब्लम जो भी अनियोजित ( without house plan with elevation) घर होते हैं, जिनके बारे में आपने पहले से ही सोचा नहीं होता वहां पर यह मुसीबत आ जाता है। लोग क्या कहते हैं जो प्लंबिंग की लाइन होती है या फिर जो इनलेट होते हैं वह घर के आगे की बाजू से निकाल देते हैं। यह एलिवेशन में बहुत गंदा दिखता है दोस्तों। आपको क्या करना है लाइन उसी साइड से निकालनी है जहां से आपका घर डायरेक्टली दिखाई नहीं देता। ऐसी जगह से अगर आप पाइपलाइन निकालेंगे तो यह देखने में भी अच्छा लगेगा और आपका एलिवेशन भी सुंदर दिखेगा। इसीलिए जब भी आप मकान बनाएंगे तब आपको इस चीज का ध्यान देना है की आपकी जो पाइप्स है वह आगे की तरफ से दिखाई नहीं देनी चाहिए। जिससे आपके घर का लुक भी मेंटेन होगा।

9 ) फ्लोर हाईट (Floor Height)
बहुत से लोग क्या करते हैं दोस्तों घर की जो स्लैप की हाईट होती है उसे कम रखते हैं। अब यहां पर जो चीज मैं आपको बताता हूं उस चीजपर आप पहले ध्यान दीजिए। आपके घर की जो हाइट होगी दोस्तों यानी कि फर्श का टॉप से लेकर स्लैप का बॉटम जो है वह आपका 9 फीट 6 इंच से कम नहीं होना चाहिए। इसका कारण यह है की आप स्लैप की हाईट 11 फीट रखिए,12 फीट रखिए कोई प्रॉब्लम नहीं पर आप 9 फीट 6 इंच से कम रखते हैं ऐसे सिचुएशन मैं अगर आप पीओपी करवाते हैं तो पीओपी कम से कम आपका 1फीट नीचे आ जाता है। तब आपके घर की हाइट हो जाती है 8 फीट। अब आप यह सोच सकते हो की अगर आपका हॉल अच्छा खासा बड़ा है तो स्लैप हाईट बोहोत ज्यादा कम दिखने लगेगी। और दिखने में भी ये बिल्कुल अच्छा नही दिखेगा। इस वजह से आपको स्लैप की हाइट जो है 10 फिट से कम बिल्कुल भी नहीं रखनी है।

तो दोस्तों यह छोटे-छोटे पॉइंट्स थे जो आपको मकान बनाने में निश्चित रूप से विचार करने है। और इनका आपको जरूर फायदा होगा। यह चीज़ कुछ इस तरह से होती है दोस्तों जिनमें आपको बाद में बदलाव लाने में बहुत ज्यादा दिक्कत होती है। जैसे कि आपकी प्लिंथ हाइट या स्लैप हाइट इनमें बाद में बदलाव करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। तो इन चीजों को अगर पहले से ही आप ध्यान में रखेंगे तो इन चीजों का फायदा जरूर आपको होगा।

11/10/2022

WE ARE HIRING BUSINESS DEVELOPMENT EXECUTIVE FOR ALL THE DISTRICT HEAD QUARTER OF BIHAR.
MINIMUM QUALIFICATION 10+2 (I. Sc.)
SALARY Rs. 10000-12000/ Month.
OPPORTUNITY TO EARN EXTRA INCENTIVE.
TWO WHEELER WITH VALID DRIVING LICENCE.
Experience or Non Experience Both can Apply.
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1. Identity Proof.
2. Address Proof.
3. Qualification Proof (Certification).
4. PAN
5. Account Details.
6. Photograph.
7. Resume.
8. Last Salary Slip or Proof.
9. Resignation and NOC from Last Recruiter.
Hurry Up Mail Your RESUME:
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Call to Know More: +91 - 9142591

05/10/2022

04/10/2022

आप सभी को पावन पर्व 'महानवमी' की हार्दिक शुभकामनाएं!
अष्ट सिद्धि नौ निधियों की प्रदाता, करुणामयी, शुभ फलदायिनी माता सिद्धिदात्री की अनुकंपा समस्त जगत पर बनी रहे!
माँ सिद्धिदात्री सभी के मनोरथ पूर्ण करें!
#जयमातादी

02/10/2022

#जयमातादी

02/10/2022

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै ऊं कालरात्रि दैव्ये नम:!!
महिषासुरमर्दिनी माँ जगदंबा की स्वरूप 'माता कालरात्रि' अपने भक्तों को लौकिक जीवन के दुःखों के निवारण हेतु साहस का आशीष प्रदान करें! जय माँ कालरात्रि!
#जयमातादी

25/09/2022
बुद्ध अर्बन फायर सेफ्टी सर्विसेज़.हमारा लक्ष्य:आग के खतरे से आपकी व आपकी सम्पत्ति की अत्याधुनिक व सुनिश्चित सुरक्षा प्रदा...
23/09/2022

बुद्ध अर्बन फायर सेफ्टी सर्विसेज़.

हमारा लक्ष्य:
आग के खतरे से आपकी व आपकी सम्पत्ति की अत्याधुनिक व सुनिश्चित सुरक्षा प्रदान करना।
हमने आपके संतुष्टि के लिए एक उत्कृष्ट ट्रैक रिकॉर्ड के साथ एक फर्म स्थापित किया, जहां ग्राहक को प्रदान की गई गुणवत्ता और सेवाओं पर कभी समझौता सम्भव नही।
हम ग्राहकों को एक बहुत ही सक्षम कीमत पर उच्च कैटेगरी के अग्नि सुरक्षा से सम्बंधित उत्पाद उपलब्ध कराने में विश्वास रखते हैं, एक उत्कृष्ट टीम के साथ जो आपकी कंपनी के साथ लगातार टच में रहकर नए नए सुरक्षा प्रणालियों के बारे में जानकारी देकर अपने आधुनिक विचारों के साथ आपका मार्गदर्शन करेगा।

हमारे उत्पाद रेंज:

Ø फायर अलार्म पैनल.

Ø स्मोक डिटेक्टर और हीट डिटेक्टर.

Ø पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम.

Ø MCP चेन और हथौड़ा के साथ. ABS और MS.

Ø हूटर वॉयस कमांड आधारित, फ्लैशर, ABS और MS.

Ø औद्योगिक साइरेन.

Ø एग्जिट लाइट्स.

Ø आपातकालीन लाइट्स.

Ø आईएसआई मार्क फायर एक्सस्टिंग्युसर्स.
ABC Type, DCP Type, Co2 Type, AFFF Type
व क्लीन एजेंट्स.

Ø आईएसआई मार्क फायर फाइटिंग उपकरण
हाइड्रेंट्स- एसएस, सीआई और गनमेटल, पाइप रील ड्रम, ब्रांच पाइप, कपलिंग।

22/09/2022

मुझसे नफरत ही करनी है तो,
इरादे बुलंद रखना….
जरा भी चुके तो,
महोब्बत हो जायेगी!
जय श्री कृष्णा!

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