23/01/2026
देवप्रयाग उत्तराखंड राज्य के टिहरी गढ़वाल ज़िले में स्थित है। यह स्थान हिमालय की गोद में बसा हुआ है और धार्मिक व प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
🌊 देवप्रयाग का महत्व
देवप्रयाग में अलकनंदा और भागीरथी नदियों का पवित्र संगम होता है।
इसी संगम के बाद इन दोनों नदियों को गंगा कहा जाता है। यहाँ दोनों नदियों का रंग अलग-अलग दिखाई देता है, जो इस स्थान को और भी विशेष बनाता है।
🛕 धार्मिक महत्व
देवप्रयाग पंचप्रयागों में से एक है।
यहाँ स्थित रघुनाथ जी का मंदिर अत्यंत प्रसिद्ध है, जो भगवान श्रीराम को समर्पित है।
पितरों के श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के लिए यह स्थान बहुत पवित्र माना जाता है।
📜 पौराणिक मान्यता
पौराणिक कथाओं के अनुसार राजा भगीरथ ने यहाँ तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर माँ गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुईं।
🌄 प्राकृतिक सौंदर्य
चारों ओर ऊँचे पहाड़, बहती नदियाँ और शांत वातावरण देवप्रयाग को एक अद्भुत और आध्यात्मिक स्थान बनाते हैं।
👉 देवप्रयाग आस्था, शांति और प्रकृति का अनुपम संगम है।
देवप्रयाग संगम (अलकनंदा और भगिरथी)❤️
Devprayag (alaknanda or bhagirathi)❤️