07/04/2018
दोस्तो मैंने पिछले हफ्ते हि बाजार मे बैठे कूछ अनपढ वास्तूतज्ञ् के बरे में बताया था जो वास्तू का परीक्षण करे बिना पिरॅमिड और यंत्र जगह जगह
लगा देते है I दिशा उपदिशा का शुभ-अशुभ तत्व का महत्व ना समझ के कारण शुभ दिशाओ में भी गलत यंत्र लागकर होनेवालें शुभ
परिणाम मात्र रोक देते है I आजकल के वस्तू देखनेवाले तज्ञ जानकारी राखे बिना गलत सलाह दे रहे है I जिस वजह से अच्छाखासा चला हुआ कामकाज
बिगड जाता है I वैसे भी बहुत से लोग भी थोडी परेशानी में हि आपना दीमागी संतुलन खो बैठते है और गलत लोगोंके चक्कर में फस जाते हैं I
मेरी पिछले हप्ते मे मेरी पोस्ट देखाकर मुझे मुंबई से [ ठाणे ] एक मित्र का फोन आया था और मुझे वास्तू विझिट के लिये आमंत्रित किया था I
मैं कल हि उनके घर हो आया I उनका वास्तू देखनेके के बाद मैंने ये अनुमान लागया कि एक अच्छी वास्तू होने के बावजुद भी वहा जो यंत्र लागये थे
वो सब गलत थे I मुख्य दरवाजा शुभ होने के बावजुद मुख्य दरवाजे पर तीन प्लास्टिक के पिरॅमिड लगाये थे I बाहर कि तरफ गणेशजी तथा हनुमानजी के साथ नवग्रह का यंत्र और फेंगशुई के यिन-यांग के ताम्रपत्र पर प्राकृतिक चिन्ह एक साथ लगाये थे Iअंदर की तरफ से दरवाजे पर फेंगशुई के चिन्ह में हि श्रीगणेश जी यंत्र लगाया था {पा कुआ के अंदर गणेश यंत्र .नयी खोज } Iहॉल के एक कोने में गुरु ग्रह का यंत्र लागया था I हॉल और बेडरूम के पॅसेज में १x १ का नौ पिरॅमिड से बना एक प्लास्टिक का पिरॅमिड सिलिंग पर लगाया था I आग्नेय दिशा में किचन होने के बावजुद भी वहा कि दिवार पर पिरॅमिड लागया था I पूजा घर मे एकही फोटो फ्रेम में नऊ प्रकार के यंत्र ऐसे दो फ्रेम याने के कुल अठरा यंत्र पूजा घर में लगाये थे Iऔर सबसे बडी बात ये है कि ये सब लगाने से पहले वास्तू के मालिक अच्छी नोकरी करते थेI और जब से सब यंत्र और पिरॅमिड उस वास्तू में लगाये उसके दो-तीन दिन के बाद ऊस गृह स्वामी कि अच्छी खासीं नोकरी चली गयी I आज देढ साल से इस घर के स्वामी बीना काम के घर मैं बैठे है I
पूना में मैने जो वास्तू ठीक कि थी,और वहा जो पिरॅमिड और यंत्र लगाये थे वही सब के सब यंत्र और पिरॅमिड उस मुंबई वाले घर में भी लगाये थे I
इसका मतलब ये है कि दोंनो वास्तू का डॉक्टर एक हि था बिमारी अलग अलग थी पर दवा एकही थी I सब बिमारी कि एक हि दावा " पिरॅमिड और यंत्र "
तो आप हि बताये वास्तू अच्छी हो या बुरी सबके लिये एक हि दावा कैसे काम करेगी? दवा तो कम से कम अलग अलग होनी चाहिए ना ..?
और इसीलिये मैं आप सब को यही सलाह दोना चाहता हू कि अगर आप के वास्तू में यदी कोई दोष है तो सही वास्तू जानने वाले पंडित से हि सलाह ले,
भले जो भी वास्तूतज्ञ् हो पाहिले उसका अनुभव कितना है कितने सालोंसे वास्तू कि जानकारी राखते है इसका अंदाजा लेनें के बाद हि उनसे सलाह ले I