12/11/2022
भास्कर संवाददाता नागौर कर अपहरण के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पांचौड़ी थाने पर फरियाद लेकर पहुंचे परिवादी से रुपए ऐंठने के बाद उसी को आरोपियों के साथ पाबंद करने की एसपी तक पहुंची शिकायत के बाद शुक्रवार को हैड कांस्टेबल एवं कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया मामला पाबूसर गांव का है और आरोपी हैड कांस्टेबल जालम सिंह तथा कांस्टेबल प्रेमाराम है मनमर्जी • पाबूसर गांव का मामला , पुलिस ने आरोपी पर कार्रवाई की बजाय परिवादी को ही धमकाया पांचौड़ी थानाः पीड़ित से हैड कांस्टेबल ने 20000 रु . मांगे , कांस्टेबल ने 1000 लिए , दोनों निलंबित परिवादी को ही दोषियों के साथ किया पाबंद इस तरह परिवादी के बेटे के साथ हुई वारदात एवं अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पप्पूराम पांचौड़ी थाने पर पहुंचा , जहां हैड कांस्टेबल जालम सिंह ने थाने पर परिवादी से बोला ऐसे थोड़ी ही प्रकरण दर्ज होते हैं , प्रकरण दर्ज होने के तो रुपए लगते हैं । जालम ने परिवादी से 20 हजार रुपयों की मांग की एसपी राममूर्ति जोशी ने बताया कि वहीं कांस्टेबल प्रेमाराम ने परिवादी से कहा कि इस प्रकरण की जांच करनी पड़ेगी , जिसमें काफी खर्चा होगा । इस तरह प्रेमाराम ने परिवादी से पेट्रोल एवं अन्य खर्च के एक हजार रुपए हड़प लिए । • पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी ने बताया कि उक्त घटनाक्रम 5-7 दिन पहले का है पाबूसर के पप्पूराम मेघवाल के 10 वीं कक्षा में अध्ययनरत बच्चे के साथ मारपीट की वारदात हुई । आरोपियों ने बच्चे को अपने पास भी बैठा लिया था , लेकिन बाद में किसी के कहने पर उसको छोड़ भी दिया था । उल्लेखनीय है कि पुलिस पर दाग लगाने वाले ऐसे कई मामले सामने आ चुके है । जिस पर पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता दिखाते हुए ऐसे पुलिसकर्मियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया है । रुपए लिए , एफआईआर भी दर्ज नहीं की , पीड़ित ने दी शिकायत एसपी ने बताया कि हैड कांस्टेबल जालम सिंह व कांस्टेबल ने प्रेमाराम ने परिवादी से रुपयों की मांग एवं रुपए लेने के साथ उसकी एफआईआर भी दर्ज नहीं की । इसके अलावा उससे ठीक से बात तक नहीं की । इतना सब होने के बाद दोनों पुलिस कर्मियों ने परिवादी पप्पूराम को आरोपी पक्ष के साथ पाबंद भी करा दिया । जो पूरी तरह गलत था । यह शिकायत जब पप्पूराम ने एसपी को सौंपी तो एसपी राममूर्ति जोशी ने गोपनीय तरीके से पूरा अनुसंधान करवाया । इसमें सामने आया कि पुलिस कर्मियों ने रुपए लिए हैं और रुपयों की मांग भी की है । इस पर दोनों को निलंबित कर दिया गया है । उल्लेखनीय है पूर्व में जालम सिंह कोतवाली थाने में था जालम की पूर्व में भी आई शिकायतें , तभी स्थानांतरण हुआ जालम सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है । यहां कोतवाली से लेकर पांचौड़ी में भी जालम की पूर्व में शिकायतें सामने आ चुकी हैं । इसी वजह से यहां कोतवाली से जालम का स्थानांतरण हुआ था । उल्लेखनीय है कतिपय पुलिस कर्मियों की ओर से अनुसंधान एवं जांच के नाम पर कतिपय फरियादियों को अनायास ही परेशान किया जाता है इसमें कुछ जागरूक फरियादी तो आगे पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर देते हैं , जिससे वे परेशानी से मुक्त हो जाते हैं , लेकिन कुछ ऐसे परिवादी भी होते हैं जो आगे शिकायत नहीं कर पाते हैं और थाना स्तर पर पुलिस कर्मियों के डर की वजह से अपना अहित करवा बैठते हैं । दो भाइयों ने बॉक्सिंग प्रतिस्पर्धा 13 नवंबर से मथुरा तक फर्जी रसीद बुक का बिल गोशाला पहुंचा तो खुलासा गोशाला के नाम की रसीद बुक छपवा मुनीम ने 9.64 लाख वसूले शहर की एक गोशाला के मुनीम ने पहले तो फर्जी रसीद बुके छपवाई फिर उन्हीं के आधार पर दानदाताओं से राशि वसूलने के बाद फरार हो गया । कार्मिक ने करीब 9.54 लाख का गबन किया है , जिसका अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है । हालांकि पुलिस ने आरोपी को नामजद कर लिया है । पुलिस के अनुसार इंद्रा कॉलोनी निवासी उम्मेद सिंह ने रिपोर्ट में बताया कि महावीर गो सेवा समिति , राठौड़ी कुआ एवं गुड़ला रोड़ पर संचालित है । गोशाला में सथेरण निवासी हनुमान विश्नोई 5 वर्षों से नौकरी कर रहा था , जिसके पास मुनीम का कार्य था तथा दानदाताओं की राशि का लेखा जोखा व दानदाताओं को जारी की जाने वाली रसीदों का काम भी हनुमान विश्नोई करता था । रिपोर्ट अनुसार हनुमान विश्नोई ने गोशाला की रसीदों के जरिए 9.64 लाख रुपए दानदाताओं ने भुगतान किए और हनुमानराम ने अपने हस्ताक्षर कर दानदाताओं को रसीदें दी , लेकिन राशि हड़पते हुए जमा नहीं कराई । पुलिस के अनुसार हनुमान ने जो फर्जी रसीद बुके छपवाई उनमें से एक रसीद बुक गोशाला के उस कार्यालय में पाई गई जहां हनुमान कार्य करता था । फर्जी रसीदों की जानकारी बृजरास प्रोडक्ट प्रोपराईटर मुकेश भण्डारी के द्वारा 20 अक्टूबर को गोशाला के नाम जारी किए बिल से हुई है । क्योंकि उस बिल में 38 बुकें छापने का ब्यौरा था जबकि कार्यकारिणी द्वारा न तो रसीदे छपवाने का प्रस्ताव लिया गया था और ना ही 38 रसीद बुकें छपवाई गई थी । हनुमान ने मनमर्जी से फर्जी रसीदें छपवाई थी । पुलिस ने जांच शुरू की । वनरक्षक भर्ती आज से 2