12/08/2022
कुछ लोग कहते हैं कि झारखंड तो बिहार से ही बना हैं । परन्तु झारखंड न तो बिहार से बना हैं और न बंगाल से । जब बिहार का नाम बिहार नहीं था और बंगाल का नाम बंगाल नहीं था तब से झारखंड का नाम झाड़खण्ड था । भले ही ईस्ट इण्डिया को शासन का अधिकार मिलने के बाद इस झाड़खण्ड क्षेत्र में शहीद रघुनाथ महतो, शहीद तिलका माँझी ( पहाड़िया ), शहीद गंगा नारायण , शहीद सिद्धू-कानू, शहीद चानकु महतो एवं सैकड़ों झाड़खण्डी सपुतों का विद्रोह झेलने के बाद झाड़खण्ड का नाम कभी South-West Frontier Agency, कभी हिल ट्रैक, तो कभी जंगल महल, तो कभी छोटानागपुर नाम दिया हो । परन्तु आज भले ही पूरा झाड़खण्ड नहीं दिया गया और न ही पूरा छोटानागपुर ही दिया गया । ब्रिटिश हुकूमत को पूरे भारत में जितना विरोध नहीं सहना पड़ा, उससे अधिक जन विद्रोह तो इस झाड़खण्ड या छोटानागपुर में झेलना पड़ा था । इसलिए ही इस Chhotanagpur Province में ब्रिटिश सरकार का कोई भी कानून Direct लागू नहीं होता था । इस क्षेत्र को 1833 से Non-regulations Area घोषित किया था। उसके बाद ही इस क्षेत्र में 1859 से 1869 तक जमीन, पेड़ और व्यक्ति का सर्वे करके 1869 को CNT Act 1869 बनाया था जिसमें कुड़मी महतो, मुंडा और पाहन को ही मूल खुंटकट्टीदार कहा था। जिस छोटानागपुर में CNT Act 1869 लागू था उसी छोटानागपुर को झाड़खण्ड राज्य के रूप में मारांग गोमके जयपाल सिंह मुण्डा और बाद में झारखंड के मसिहा वीर शहिद निर्मल महतो नें माँग किया था । 1908 के पूर्व तक 1869 का CNT Act बंगाल, बिहार , उड़ीसा एवं मध्य प्रदेश तक लागू था ।( मानचित्र और CNT Act देखें )। ब्रिटिश भारत के सरकार से लेकर स्वतंत्र भारत के सरकार नें भी उस झाड़खण्ड या उस छोटानागपुर को छिन्न -भिन्न करके कुछ हिस्सा बंगाल में तो कुछ हिस्सा उड़ीसा में तो कुछ हिस्सा मध्य प्रदेश (वर्तमान छत्तीसगढ़ ) में और बाकी बचा हिस्सा को बिहार में मिला दिया था । 1908 में मात्र पाँच जिले को ही छोटानागपुर में रखा । उस समय भी छोटानागपुर न तो बिहार में था और न उड़ीसा में । क्योंकि Bihar & Odisha Province तो 1912 में बना हैं । छोटानागपुर 1912 में भी किसी एक Province के अन्तर्गत नहीं था । 1936 में बिहार से उड़ीसा अलग होने के बाद ही छोटा सा सिमित ,5 जिले का छोटानागपुर को बिहार में शामिल कर दिया गया । फिर भी बिहार 5 जिले के छोटा सा छोटानागपुर को सम्भालने नहीं सका तो मानभुम जिले का आधा हिस्सा वापस प०बंगाल को 1956 में दे दिया । अब जो अधिकार CNT Act 1908 में दिया गया , वह भी Bihar-Odisha Province बनने के पहले , उस अधिकार को भी सैकड़ों बार संशोधन करने के बाद भी बचा अधिकार लोग सहन नहीं कर पा रहे हैं ।
खतियानी जोहार 🙏❣️