22/06/2026
वर्तमान में भगवान श्रीराम मंदिर से चढ़ावे के चोरी का मामला ज्यादा उछालने वाले लोगो के बारे में भी चिंतन बहुत जरूरी है- यह मामला राजनीतिक स्टंट या इसे उछालने वाले लोगो का वास्तव में है राममंदिर से कोई सरोकार...
👍क्या ये आरोप लगाने वाले नेता कभी राम मंदिर गए हैं ...?👍क्या कभी इन्होंने मन्दिर में कुछ दान किया है?
👍क्या यह नेता कभी राम मंदिर निर्माण के पक्षधर रहे हैं ?
👍क्या कभी यह नेता सनातन के संरक्षण में आगे आए हैं?
💐पूरा मामला ध्यानपूर्वक अवश्य पढ़ें💐
आज प्रभु श्री राम मंदिर में चंदा चोरी का मुद्दा जमकर उठाया जा रहा है। हो सकता है की चोरी के दावे किसी हद तक सही हो, वही यह भी हो सकता है कि राम मंदिर को बदनाम करने के लिए भी ऐसे आरोप लगाए जा सकते हैं। ऐसा हम इस वजह से कह रहे हैं कि सपा मुखिया अखिलेश यादव जिस तरह से दावे कर रहे हैं, उससे भरपूर संदेह है कि यह राजनीतिक स्टंट है। क्योंकि समाजवादी पार्टी ने कभी भी राम मंदिर का समर्थन नहीं किया। हमेशा विरोध किया, राम भक्तों पर गोलियां तक चलवाई, शब्द कड़वे हैं मगर सत्य है। यहां यहां तक बता दे की राम मंदिर को बने इतना वक्त गुजर गया है, लेकिन अभी तक सपा मुखिया अखिलेश यादव राम मंदिर में दर्शन पूजन के लिए एक बार भी नहीं पहुंचे हैं। जब वह मंदिर नहीं पहुंचे तो संभवतः उन्होंने ₹1 की भी राशि मंदिर को दान नहीं की होगी। जब उन्होंने मंदिर में ₹1 भी नहीं दिया, तो हो सकता है कि राम मंदिर को बदनाम करने के लिए उनके द्वारा की जा रही यह एक चाल हो। बात अगर कांग्रेस की की जाए तो अभी तक राहुल गांधी भी राम मंदिर में दर्शन करने नहीं पहुंचे हैं, न हीं उन्होंने ₹1 का दान राम मंदिर के नाम किया है। तथ्य साफ है कि ऐसे लोग मुद्दे को उछाल रहे हैं जिन्होंने हमेशा राम मंदिर का विरोध किया, वह किसी भी कीमत पर राम मंदिर को देखना नहीं चाहते थे। यही वजह है कि वे लोग कभी मंदिर गए नहीं। वह भाजपा का विरोध करते करते अब सनातन के मंदिर को बदनाम करने पर तुले हुए हैं। सोचना सनातन धर्म के लोगों को है, की जो लोग राम मंदिर को लेकर ऐसा मुद्दा उठा रहे हैं, वे लोग सनातन धर्म के कितने शुभचिंतक हैं? थोड़ा गहराई से समझने की जरूरत है। यदि भगवान श्री राम मंदिर के चंदा में कोई चोरी हुई होगी, तो उसकी जांच चल रही है।दूध का दूध और पानी अलग होकर ही रहेगा। सबसे बड़ी बात तो यह है कि वह मंदिर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का है। भगवान के घर देर है,अंधेर नहीं है,की कहावत आज भी चरितार्थ हो रही है। यदि किसी ने ऐसा कर्म किया होगा तो यह विश्वाश रखिये ईश्वर के डंडे में आवाज नहीं होती है। उसको भगवान खुद दंड देंगे। जहां भगवान का वास हो, वहां इंसानों की क्या औकात कि वह न्याय करें। ईश्वर स्वतः न्याय करेंगे। हमारा ऐसा मानना है। बाकी सनातन धर्म के लोगों को इस मौके पर संयम बरतने की जरूरत है तथा इस मामले को समझने की भी जरूरत है। क्योंकि 2027 का विधानसभा चुनाव करीब है, लोग सारे षड्यंत्र कर सनातन धर्म को बांटने का प्रयास करेंगे। थोड़े को बहुत समझने व समझाने की जरूरत है।