19/02/2026
एक छोटे से गांव में एक बुजुर्ग दादाजी रहते थे। एक दिन, जब वे अपने बगीचे में काम कर रहे थे, एक बंदर आया और उनके हाथ से फल छीनकर पेड़ पर चढ़ गया। दादाजी ने हंसते हुए कहा, "अरे बंदर, ये फल मेरे हैं!"
बंदर ने जवाब दिया, "नहीं, ये फल मेरे हैं!"
दादाजी ने फिर से कहा, "ठीक है, तुम ले लो, लेकिन मुझे एक फल दे दो।"
बंदर ने एक फल दादाजी को दिया और फिर से पेड़ पर चढ़ गया। दादाजी ने फल खाया और कहा, "वाह, कितना मीठा है!"
बंदर ने नीचे आकर दादाजी से कहा, "दादाजी, मैं आपको एक सीख देना चाहता हूं - कभी-कभी हमें दूसरों को भी खुश रखना चाहिए।"
दादाजी ने बंदर को गले लगाया और कहा, "तुम सचमुच एक बुद्धिमान बंदर हो!" 😊