19/11/2023
पढ़ा लिखा के बड़ा किया,अपने पैरो पे खड़ा किया।
Dr. बनाया बहुत सारा पैसा खर्च किया, बयाह दिया अपना पूरा फर्ज किया।
घर से दूर सेटल था , बढ़िया उसका गुजारा हो रहा था,
छोटा कुनबा बड़ी आश थी , अंजू देवी उसके पास थी।
कुल में ऊंची शान होगी , 3 साल में उसके दो संतान होगी।
इसमें कोन सी चोरी थी , ये दोनो छोरी थी।
अच्छी खासी जिंदगी में एक नए मोड़ पे आ गई,
जो खुद डाक्टर था उसका बीमारी आ गई।
एक दिन सबते नाता तोड चला, दो गुडिया ने रोता छोड़ चला।
छोटे छोटे बालक रोते रोते हार गए , मां बैठ गई मायके जा के बाबू संवर्ग सिधार गए।
आजा मम्मी आ जा पापा कह के रोव थे , इस मतलबी दुनिया में एक सहारा टोव थे।
इनके साथ में धोखा हो गया , बिना मां बाबू के जीवन ओखा हो गया।
कोण बाजार ते चीज दुआ के लाएगा, कोन रोटी बना के खुवाएगा।
कोण करेगा टिफिन त्यार म्हारा कोण बदलेगा ड्रेस म्हारी।
एक बैठ गया संवर्ग जा के एक बैठ गई मायके जा के दोनो ने कुछ ना सोची ऐ।
सुना रह गया थाल महारा , किसके बांधेंगे पोंची ऐ।
कोण देवगा साथ महारा कोण भरेगा भात महारा।
कोण बधावगा धीर म्हारी कोण करेगा दुख सीले ऐ।
कोण लगावगा मटना कोन करेगा हाथ पीले ऐ।
कोण थामेगा हाथ महारा सारा जगत लोग दिखावा है।
किते धर ले पैर तो गैर कानूनी हो जा,सारी पूछे तो बिना मां बाप जिंदगी सुनी हो जा स।
सिवानी आली की बात पे ऐतबार न कारियो ऐ,
हाथ जोड़ कहू हु उप्पर आले याणी उम्र में किसी के मां बाप ना मरियो ऐ , के याणी उम्र में किसी के मां बाप ना मरियो ए।