20/06/2023
कल ट्रेन से मुंबई जा रहा था
बगल में एक खूबसूरत लड़की बैठी थी, सफर लम्बा था तो मैंने बातचीत शुरू की...
बोली वैसे तो अमेठी की रहने वाली हूँ पर अब मुंबई में सेटल हूँ, राष्ट्रवादी और सनातन धर्म पर कविताएं लिखती हूँ, अच्छी कमाई हो
जाती है, ईश्वर का दिया सब कुछ है।
मैं बहुत प्रभावित हुआ, उसने दो चार कविता भी सुनाई, वास्तव में बहुत अच्छी और प्रभावशाली लेखनी थी, बातों बातों में सफर दोस्ती में बदल गया, या यूँ कहो उसका सनातन प्रेम और राष्ट्रभक्ति देखकर मैं उसका फैन हो गया था।
रास्ते में.. 👇
चाय, नाश्ता आदि सभी पर मैं खर्च कर रहा था, शुरू शुरू में तो वो हिचक रही थी लेकिन फिर इतनी सहज हो गयी कि अपनी मन माफिक चीजे मांगने-खाने लगी, मुझे कुछ शंका हुई, तभी उसने मेरा हाथ पकड़ा और बोली...
"मेरे बारे में गलत सोच रहे हो क्या? आप जानते हो मैं भगवान... 👇
श्रीराम में आस्था रखने वाली सच्ची सनातनी हूँ, मैं कभी किसी को धोखा नहीं देती।
कुछ देर बाद वो बोली...
"मेरे मोबाइल का नेटवर्क नहीं आ रहा, अभी अटजेंट ₹1000 ऑनलाइन पेमेंट करनी है, आप कर दोगे? नेटवर्क आते ही रिटर्न कर दूंगी।
अब मैं समझ चुका था, ये लड़की मेरी.. 👇
भावनाओं का फायदा उठाना चाहती है, चूंकि मुझे भी पहली नज़र में ही उसको देखकर कुछ कुछ हुआ था तो मैंने पेमेंट कर दी।
रात के 9 बज चुके थे, ट्रेन के बाकि यात्री सोने के लिए अपनी अपनी बर्थ में लेट चुके थे। मैंने भी सोने के लिए कंबल उठाया और लेटने लगा तभी... 👇
लड़की बोली,
"रुको ना थोड़ी देर और बात करते हैं"
मैंने महसूस किया लड़की के हाव भाव बदल चुके थे, ऐसा लग रहा था जैसे मुझे बेवकूफ समझकर वो अपने लटके झटकों, कविता-शायरी से रिझाकर मुझे लूटना चाहती है।
लेकिन हम ठहरे दिल्ली के दिल वाले, बिना समय गँवाते ही उसके दोनों हाथ...👇
पकड़े और डायरेक्ट संसर्ग निवेदन कर डाला।
उसने झटके से हाथ छुड़ाया और बोली, ये क्या बत्तमीजी है, ऐसी वैसी लड़की समझा क्या तुमने मुझे?
मैंने धीरे से बोला...
चुप चुप चुप मैं ये सब फ्री में नहीं करूंगा, बदले में ₹ 5000 भी दूंगा।
इतना सुनते ही वो झल्लाते हुए बोली...👇
तुमने समझ क्या रखा है मुझे, मैं पैसों में बिकने वाली लड़की नहीं हूँ।"
मैं बोला, अच्छा शांत हो जाओ, 10 हजार ले लेना।
अब वो क्रोध से आग बबुला होते हुए बोली... "अगर तुमने ये बकवास बंद नहीं की तो मैं पुलिस को बुला लुंगी"
मैं अभी भी शांत था, मुस्कुराते हुए बोला, देखो
नाराज़ नहीं होते, चलो 50 हजार ले लेना।
अब लड़की का गुस्सा सांतवे आसमान पर था, चिल्लाते हुए बोली
"तुम ऐसे नहीं मानोगे, रुको अभी पुलिस को बुलाती हूँ"
उसकी चिल्लाहत सुनकर अगल बगल के भी कुछ लोग जाग गये, वो भी अचरज में थे कि पूरे रास्ते तो ये फ्रेंडली थे, अभी इन्हें क्या... 👇
हो गया ?
अब मैं भी थोड़ा क्रोध में था, थोड़ा नजदीक जाकर बोला, देखो मैं लास्ट ऑफर 1 लाख रूपये दे सकता हूँ, अभी भी तुम्हारा जवाब ना है तो मैं अब तुम्हें परेशान नहीं करूंगा।
अब लड़की थोड़ी शांत थी, अगल बगल के यात्री भी पुनः कंबल ओढ़कर सो चुके थे, हल्के से मुस्कुराते हुए... 👇
बोली...
"ठीक है, लेकिन करोगे कहाँ?"
मैं बोला....
कुछ नहीं करना, मैं तो बस ये साबित करना चाह रहा था कि, है तो तू भी छिनाल ही, बस बिकने के लिए सही कीमत का इंतज़ार कर रही थी।
जानते हो दोस्तों इस छिनाल का नाम क्या है...?
👇👇👇
"मनोज मूतशीर"
🚩जय श्रीराम 🚩