28/08/2026
“जिस मजदूर ने पसीना बहाकर काम पूरा किया, उसकी मेहनत की मजदूरी रोकना उचित नहीं है।”
“काम पूरा होते ही मजदूर का मेहनताना समय पर दें—क्योंकि उसके घर का चूल्हा उसी कमाई से जलता है।”
“मजदूर से काम समय पर चाहिए, तो मजदूर को उसका पैसा भी समय पर मिलना चाहिए।”
“आज का मेहनताना कल पर टालना मजदूर की मजबूरी को नजरअंदाज करना है।”
“मजदूर की मेहनत का सम्मान कीजिए, उसका भुगतान घुमाइए नहीं।”
“ठेकेदार और मजदूर का रिश्ता भरोसे का होना चाहिए, बार-बार पैसे मांगने की मजबूरी का नहीं।”
एक दमदार संदेश:
“मेरा सभी ठेकेदार भाइयों से विनम्र अनुरोध है—जिस व्यक्ति ने आपके लिए ईमानदारी से काम किया है, उसे उसकी मेहनत का पैसा समय पर और पूरा दीजिए। मजदूर को अपने ही कमाए पैसे के लिए बार-बार चक्कर न लगवाएं। मेहनत का सम्मान ही इंसानियत की पहचान है।”