13/08/2026
एक छोटे से गाँव में मोहन नाम का एक लड़का रहता था। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन मोहन के सपने बहुत बड़े थे। वह पढ़-लिखकर अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहता था।
मोहन रोज़ सुबह जल्दी उठकर खेतों में अपने पिता की मदद करता और फिर स्कूल चला जाता। कई बार उसके पास किताबें खरीदने के पैसे नहीं होते थे। गाँव के कुछ लोग उसका मज़ाक उड़ाते और कहते, “गरीब का बेटा बड़े सपने नहीं देखा करता।”
मोहन मुस्कुराकर कहता, “सपने देखने के लिए पैसे नहीं, हिम्मत चाहिए।”