01/09/2020
पिंकू - यार ये गलत दीवाल उठ गई, इसे तुड़वाना है।
चिंकू - क्यों उठाई थी ये दीवाल.?
पिंकू - अरे पहले सोचा यहां सामान रख दिया करेंगे।
रिंकू - फिर अब.!
पिंकू - अब सोच रहे हैं कि इस दीवाल को हटा देंगे तो कमरा बड़ा हो जाएगा। छोटा लग रहा है।
रिंकू - तुमने पहले नक्शा नहीं बनवाया था क्या.?
पिंकू - कहां यार। गए थे इंजिनियर साब के पास। वो ज्यादा पैसे मांग रहे थे, तो नहीं बनवाया।
रिंकू - कितने पैसे मांग रहे थे.?
पिंकू - 2000 रू।
रिंकू - ये ज्यादा थे क्या.?
पिंकू - तो, ज्यादा नहीं थे क्या.?
रिंकू - अच्छा! ज्यादा थे। तो ये दीवाल मिस्त्री ने मुफ्त में उठाई थी क्या.?
पिंकू - नहीं, उसने इसके पैसे लिए थे।
रिंकू - तो अब वो इस दीवाल को फ्री में तोड़ेगा क्या.?
पिंकू - नहीं, वो इसके भी पैसे लेगा।
रिंकू - और शायद दीवाल उठाने में रेत सीमेंट भी लगी होगी।
पिंकू - हां।
रिंकू - तो अब तो वो बर्बाद हो गई।
पिंकू - हां।
रिंकू - और अब तोड़फोड़ में समय पैसे के साथ इस मटेरियल की भी बर्बादी हो सकती है।
पिंकू - हां।
रिंकू - इसलिए ही मैंने तुम्हे *शाश्वत पैलेस में भानु कंस्ट्रक्शन & कंसल्टेंट वाले इंजिनियर सौरभ श्रीवास्तव* के पास भेजा था, ताकि तुम इस तोड़फोड़ से बच जाओ।
तुमने इंजिनियर साब को देने वाली फीस तो बचा ली, पर उससे 3 गुने पैसे बर्बाद कर दिए।
पिंकू अब दुखी है कि उसने थोड़े से पैसे बचाने के लिए, बहुत पैसे बर्बाद कर दिए।
नोट - किसी भी मकान का आधार उसका नक्शा ही होता है। अगर सही प्लानिंग से काम किया जाए, अच्छा नक्शा तैयार कर लिया जाए, तो मकान खुद ब खुद अच्छा बन जाएगा। और आप बेफिजूल में होने वाली टूट फूट और समय की बर्बादी से भी बच सकते हैं। इसीलिए
*हम आपकी खुशियों का आशियां बनाते हैं।*
*हां हम ही भानु कंस्ट्रक्शन & कंसल्टेंट कहलाते हैं।*
*इंजी सौरभ श्रीवास्तव*
*भानु कंस्ट्रक्शन & कंसल्टेंट*
8982155144
*शाश्वत पैलेस, शॉप न. 3, ब्लॉक ऑफिस के सामने, बरेठ रोड, गंज बासौदा।*