Tarang Divine City Vrindavan

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1. 10 mins away from Vrindavan.
2. 14 mins a

03/11/2022

बहुत चिंता हो रही है, देश का बुरा हाल है, बहुत विकट स्थिति से गुज़र रहा है.
गाड़ियों के शोरूम पर जाइए, नए मॉडल्स पर वेटिंग चल रही है, ग्राहकों को 6 महीने तक गाड़ियों का इंतजार करना पड़ रहा है.
रेस्टोरेंट में खाली टेबल नहीं मिल रही है, लाइन लग रही है बहुत से रेस्टोरेंट्स पर
शॉपिंग मॉल में पार्किंग की जगह नहीं है, इतनी भीड़ लगी है.
कई मोबाइल कंपनियों के मॉडल आउट ऑफ स्टॉक हैं, एप्पल लांच होते हुए ही आउट ऑफ स्टॉक हो जा रहा है.
ऑनलाइन शॉपिंग के दौर में भी वर्किंग डे में भी शाम को बाजारों में पैर रखने को जगह नहीं है, रोज जाम जैसे हालात पैदा हो जाते हैं.
ऑनलाइन शॉपिंग इंडस्ट्री अपने बूम पर है.
मगर लोग कह रहे हैं कि पेट्रोल के दाम बढ़ा कर उनकी कमर तोड़ दी है.
मेरे घर में जब बेमतलब की लाइटें जलती रहती हैं, पंखा चलता रहता है, टीवी चलता रहता है तब मुझे कोई तकलीफ नहीं होती.
परन्तु बिजली का दाम बढ़ते ही मेरी अंतरात्मा कराह उठती है.
जब मेरे बच्चे 16 डिग्री सेंटीग्रेड पर ए.सी. चलाकर कम्बल ओढ़कर सोते हैं
तब मैं कुछ नहीं बोल पाता लेकिन बिजली का रेट बढ़ते ही मेरा पारा चढ़ जाता है
जब मेरा गीजर चौबीसों घंटे ऑन रहता है तब मुझे कोई दिक्कत नहीं होती लेकिन बिजली का रेट बढ़ते ही करेंट लगता है
जब मेरी कामवाली या घरवाली कुकिंग गैस बर्बाद करती है तब मेरी जुबान नहीं हिलती लेकिन गैस का दाम बढ़ते ही मेरी ज़ुबान कैंची हो जाती है
रेड लाइट पर कार का इंजन बन्द करना मुझे गंवारा नहीं
घर से दो गली दूर दूध लेने मैं स्कूटर से जाता हूं, वीकेंड में मैं बेमतलब भी दस बीस किलोमीटर गाड़ी चला लेता हूं, लेकिन अगर पेट्रोल का दाम एक रूपया भी बढ़ जाए तो मिर्ची लग जाती है
एक रात दो हज़ार का डिनर खाने में मुझे तकलीफ नहीं होती लेकिन बीस पचास रुपए की पार्किंग फीस मुझे बहुत चुभती है
मॉल में दस हज़ार की शॉपिंग पर मैं एक रूपया भी नहीं छुड़ा पाता लेकिन हरी सब्जी के ठेले वाले से मोलभाव किए बगैर मेरा खाना ही नहीं पचता
मेरे तनख्वाह रिवाइज न करने के लिए मैं रोज कोसता हूं सरकार को, लेकिन मेरी कामवाली की तनख्वाह बढ़ाने की बात सुनते ही मेरा बी.पी. बढ़ जाता है
मेरे बच्चे मेरी बात नहीं सुनते, कोई बात नहीं । लेकिन प्रधानमंत्री मेरी नहीं सुनते तो मैं उनको तरह-तरह की गालियां देता हूं.
मैं आज़ाद देश का आज़ाद नागरिक हूं, मैं सरकार बदल दूंगा.
लेकिन खुद ग़लत हूं, खुद को नहीं बदलूंगा, खुद को नहीं बदलूंगा.😊🙏

एक शाम लखदातार के नाम सेवा ट्रस्टबल्लबगढ़ फरीदाबादकार्यकारणी जय श्री श्यामश्याम सदा सहाय
02/11/2022

एक शाम लखदातार के नाम सेवा ट्रस्ट
बल्लबगढ़ फरीदाबाद
कार्यकारणी
जय श्री श्याम
श्याम सदा सहाय

30/10/2022

प्रतापगढ़ का एक कस्बा है…लालगंज अझारा। जिला मुख्यालय से करीब 26 किलोमीटर दूर। साल 2016 तक ये घुइसरनाथ मंदिर के लिए जाना जाता था। इसके बाद यहां की एक और पहचान बन गई। वह था अनिल मिश्रा का परिवार। अनिल मिश्रा के चार बच्चे हैं और चारों अब IAS-IPS हैं। अनिल के बड़े बेटे योगेश बताते हैं कि हम चारों भाई-बहन में उम्र का ज्यादा अंतर नहीं था। सब एक साथ पढ़ाई करते थे। पढ़ने में बचपन से ही एक-दूसरे की मदद करते थे। घर में सिर्फ दो कमरे थे। कभी कोई मेहमान आ जाता, तो हमारी पढ़ाई डिस्टर्ब हो जाती। साथ ही गांव में उस वक्त लाइट की बहुत समस्या थी।

योगेश बताते हैं, "दिन में तो हम पढ़ लेते थे, लेकिन रात में पढ़ाई के लिए बहुत संघर्ष होता था। घर में तीन लालटेन थीं। एक लालटेन घर के दूसरे कामों में इस्तेमाल होती थी, तो हम चारों दो लालटेन की रोशनी में अपनी रोज की पढ़ाई पूरी करते थे।"

IAS नहीं, बचपन से ही इंजीनियरिंग करना चाहते थे योगेश
चारों भाई-बहन में सबसे बड़े योगेश हैं। चारों के UPSC क्लियर करने की कहानी योगेश से ही शुरू होती है। योगेश ने लालगंज से ही 12वीं तक की पढ़ाई की, उसके बाद प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में BTech करने इलाहाबाद चले गए।

कॉलेज से ही उन्हें सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी मिल गई। साल 2012 तक वह नोएडा में नौकरी करते थे। योगेश ने कभी IAS बनने का नहीं सोचा। बचपन से ही इंजीनियर बनना उनका सपना था।

इस बीच उनकी दोनों बहनें क्षमा और माधवी दिल्ली में रहकर UPSC की तैयारी कर रही थीं। छोटा भाई लोकेश दिल्ली से BTech कर रहा था।

IAS बनने के बाद ही राखी बंधवाऊंगा
साल 2012. क्षमा और माधवी ने तीसरी बार UPSC का एग्जाम दिया। रक्षा बंधन से कुछ दिन पहले उनका रिजल्ट आया। दोनों एग्जाम में फेल हो गईं। कुछ दिन बाद रक्षा बंधन पर योगेश दोनों बहनों से राखी बंधवाने उनके पास गए। दोनों बहनें निराश थीं, तो योगेश ने दोबारा तैयारी करने के लिए उनका हौसला बढ़ाया।

साथ ही योगेश ने ये ठान लिया कि अपनी बहनों के लिए अब वो भी IAS बनकर दिखाएंगे। जिससे वो अपने छोटे भाई-बहन को गाइड कर सकें। योगेश बताते हैं, “मैंने उसी दिन तय कर लिया था कि मैं जब IAS बन जाऊंगा, तब ही बहनों से राखी बंधवाने आऊंगा।"​

योगेश ने रक्षा बंधन पर अपनी बहनों से वादा किया कि अब राखी IAS बनने के बाद ही बंधवाऊंगा।
योगेश ने रक्षा बंधन पर अपनी बहनों से वादा किया कि अब राखी IAS बनने के बाद ही बंधवाऊंगा।
नौकरी छोड़ योगेश ने शुरू की IAS की तैयारी
बहनों को तैयारी करने के सही तरीके बता सकें इसलिए योगेश अपनी इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ IAS की तैयारी करने लगे। वो बताते हैं, "एग्जाम की तैयारी अच्छे से हो इसलिए हम चारों भाई-बहन दिल्ली के एक कमरे में साथ रहने लगे। मेरे जानने में कई ऐसे लोग थे जो UPSC की तैयारी कर रहे थे या एग्जाम क्लियर कर चुके थे। मैंने सबसे मुलाकात की। उनके पास और फेल होने की वजहें जानी।"

"उसी आधार पर मैंने तैयारी की स्ट्रेटेजी बनाई। हम चारों हिंदी-मीडियम से पढ़े थे तो अंग्रेजी समझने में दिक्कत होती थी। इसलिए हमने सारे नोट्स हिंदी में बनाना शुरू किए। सब अलग-अलग टॉपिक्स के नोट्स बनाते उसके बाद एक दूसरे को उन नोट्स से पढ़ाते थे। हम हर रात बैठकर पूरे दिन सबने जो पढ़ाई की उसका डिस्कशन भी करते थे।" योगेश बताते हैं, “परिवार में समस्याएं होने के बावजूद पापा ने हमारी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। उन्होंने हम चारों की पढ़ाई पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया, लेकिन कभी कुछ थोपा नहीं। कई बार रिश्तेदारों और पड़ोसियों से सुनने में मिला कि पापा चाहते हैं उनके चारों बच्चों में से कम से कम एक तो UPSC का एग्जाम क्लियर करे और IAS बने। इसलिए मैं अपनी बहनों के साथ-साथ अपने पापा का भी सपना पूरा करने में पूरी ताकत से जुट गया।”

पहले अटेम्पट में क्लियर किया UPSC
साल 2013 योगेश ने UPSC का एग्जाम दिया। रिजल्ट आया। योगेश के पापा का सपना पूरा हो गया। उन्होंने पहले ही अटेम्प्ट में UPSC एग्जाम क्लियर किया और IAS बन गए। योगेश बताते हैं, “मेरी दोनों बहनें बहुत मेहनत करतीं थीं, लेकिन उनके पास सही गाइडेंस नहीं था। एग्जाम की तैयारी करते वक्त मुझे समझ आया कि वो कहां गलत जा रही हैं। इसलिए मैंने उन्हें सही तरह से तैयारी करने के लिए गाइड किया। इसके बाद उन्होंने फिर से UPSC एग्जाम देने का तय किया।”

दोनों बहनों सहित छोटे भाई का भी हुआ सिलेक्शन
क्षमा और माधवी ने योगेश के बताए तरीके से तैयारी शुरू की। अगले साल, यानी 2014 में दोनों बहनों सहित उनके छोटे भाई लोकेश ने भी अपने बड़े भाई से प्रेरित होकर UPSC का एग्जाम दिया। इस बार माधवी और लोकेश ने बाजी मार ली। माधवी झारखंड कैडर की IAS बनीं। इस वक्त वह झारखंड के रामगढ की DM हैं। लोकेश का नाम रिजर्व लिस्ट में था। पर उन्हें खुद पर भरोसा था कि वह दोबारा में अच्छे नंबर ला सकते हैं। उन्होंने एक और बार एग्जाम देने का फैसला किया। साल 2015 में क्षमा और लोकेश ने फिर से एग्जाम दिया। दोनों ने एग्जाम पास कर लिया। लोकेश इस वक्त झारखंड के कोडरमा में पोस्टेड हैं। वहीं क्षमा IPS हैं और इस वक्त बेंगलुरु में तैनात हैं

09/11/2021

Tarang Divine city vrindavan
Ready to live
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हर एक के दिल में रहे हिन्दुस्तान...इस गणतंत्र देशवासियों को ढेर सारी शुभकामनाएं.... अपने बजट में पाए वृंदावन में अपने सप...
26/01/2021

हर एक के दिल में रहे हिन्दुस्तान...इस गणतंत्र देशवासियों को ढेर सारी शुभकामनाएं....
अपने बजट में पाए वृंदावन में अपने सपनों का घर :
✅ वृन्दावन की सबसे सस्ते सबसे अच्छी सोसाइटी
✅ अच्छी तरह से बने हुए सड़के
✅ उचित सीवेज सिस्टम
✅ 24×7 सिक्योरिटी
✅ मथुरा और वृंदावन दोनों से कुछ मिनटों की दूरी पर
✅ दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित
✅ फ्लैट और विला दोनों ही सुसज्जित और तैयार स्थिती में उपलब्ध
✅ आसान बैंक ऋण पर उपलब्ध है
✅ MVDA एप्रूव्ड
✅ माँ वैष्णो धाम मंदिर 3 मिनट
✅ बांके बिहारी मंदिर परिसर से 10 मिनट
✅ प्रेम मंदिर से बस से 15 मिनट
✅ विला 22.5* मात्र, फ्लैट 14.5* मात्र, प्लाट 12.5* मात्र

अपने बजट में पाए वृंदावन में अपने सपनों का घर :✅ वृन्दावन की सबसे सस्ते सबसे अच्छी सोसाइटी ✅ अच्छी तरह से बने हुए सड़के ...
23/01/2021

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✅ माँ वैष्णो धाम मंदिर 3 मिनट
✅ बांके बिहारी मंदिर परिसर से 10 मिनट
✅ प्रेम मंदिर से बस से 15 मिनट
✅ विला 22.5* मात्र, फ्लैट 14.5* मात्र, प्लाट 12.5* मात्र

अपने बजट में पाए वृंदावन में अपने सपनों का घर :✅ वृन्दावन की सबसे सस्ते सबसे अच्छी सोसाइटी l✅ अच्छी तरह से बने हुए सड़के...
26/09/2020

अपने बजट में पाए वृंदावन में अपने सपनों का घर :
✅ वृन्दावन की सबसे सस्ते सबसे अच्छी सोसाइटी l
✅ अच्छी तरह से बने हुए सड़के l
✅ उचित सीवेज सिस्टम।
✅ मथुरा और वृंदावन दोनों से कुछ मिनटों की दूरी पर।
✅ दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित l
✅ सुरक्षित स्थान, क्योंकि यहा पुलिस स्टेशन भी पैदल दूरी पर है।
✅ फ्लैट और विला दोनों ही सुसज्जित और तैयार स्थिती में उपलब्ध l
✅ आसान बैंक ऋण पर उपलब्ध है l
✅ MVDA एप्रूव्ड l
✅ और जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट देखें: www.futureithehollyhome.com

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